चण्डीगढ़ जिला उभोक्ता फोर्म ने एक शिकायत की सुनवाई करते हुए बाटा कंपनी पर 9000 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है क्योंकि बाटा कंपनी के सैक्टर 22 स्थित बाटा शोरूम ने एक उभोक्ता से कैरी बैग के नाम पर 3 रूपए वसूले थे।

उपभोक्ता दिनेश प्रसाद रुतड़ी ने कैरी बैग के पैसे वसूलने की शिकायत जिला उपभोक्ता फोर्म चंडीगढ़ में दर्ज करवाई. मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोर्म ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बाटा कंपनी पर 9000 हजार रूपए का जुर्माना लगया और फैसले में कहा गया कि उपक्ताओं से कैरी बैग के पैसे वसूलना गलत है। फोर्म ने बाटा कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह उपभोक्ता को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की भरपाई के लिए 4000 हजार का मुआवजा दे वहीं दंडात्मक जुर्माने के तौर पर 5000 हजार रुपए न्यायलय का खर्च भी दे।

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दिनेश प्रसाद रुतड़ी ने बाटा के शौरूम से 398 रूपए के जूते खरीदे थे उसको कैरी बैग समेत 403 रूपए देने पड़े थे।

इस फैसले का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। अक्सर देखा जाता है कि बड़े-बड़े शॉपिंग माल में अपने थैले ले जाने की मनाही होती है और जब ग्रहाक सामान खरीदते हैं तो उनको अलग से कैरी बैग के पैसे देने पड़ते हैं। अब ग्रहाक को यह पैसे नहीं देने होंगे और अगर कोई जबरदस्ती लेता है तो ग्रहाक इसकी शिकायत उपोक्ता फोर्म में करवा सकते हैं जो कि हर जिला मुख्यालय में होती है।

इतना ही नहीं उपभोक्ता अधिकारों के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को इस बात पर भी आपत्ति है कि कंपनिया अपने ब्रांड के विज्ञापनों वाले कैरी बैग देती हैं जिस से वह उपभोक्ताओं को अपना विज्ञापन एजेंट बना डालती हैं। फोर्म ने इस पर भी आपत्ति जताई है।

इस लिए आगे से कैरी बैग के पैसे देते हुए एक बार जरूर सोच लें।

साभार – बीबीसी हिंदी से इनपुट के साथ…

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