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Category: कहानी

हुण दस्स चौकीदारा! – हिमाचली लोक कथा

प्रस्तुती – दुर्गेश नंदन

एक चोर था । छोटी-मोटी चोरियां करके अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा था पर गुज़ारा वामुश्किल होता । चोर ने एक योजना बनाई और एक बड़ा हाथ मारने की ठानी । अपने काम

फ्लाई किल्लर

एस. आर. हरनोट


(एस. आर. हरनोट शिमला में रहते हैं। हिंदी के महत्वपूर्ण कहानीकार के साथ-साथ साहित्य को जन जीवन में स्थापित करने के लिए अनेक उपक्रम करते हैं । साहित्यिक संगोष्ठियां व यात्राएं साहित्य व समाज के बीच जीवंत

दरअसल

कहानी


तारा पांचाल

(तारा पांचाल 28 मई,1950 – 20 जून, 2009।  ‘सारिका’, ‘हंस’, ‘कथन’, ‘वर्तमान साहित्य’, ‘पल-प्रतिपल’, ‘बया’, ‘गंगा’, ‘अथ’, ‘सशर्त’, ‘जतन’, ‘अध्यापक समाज’, ‘हरकारा’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में पाठक उनकी कहानियों से निरन्तर परिचित होते रहे हैं। ‘गिरा हुआ

सोनकेसी – पहाड़ी लोक-कथा

एक बार एक साहुकार था। उसके चार पुत्र थे ।चार में से बड़े तीन पुश्तैनी धन्धे के साथ अपना-अपना काम धन्धा  भी करते थे पर सबसे छोटा बेटा कोई काम-धाम नहीं करता था । उसकी इस आदत की वजह से