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Category: खेती-बाड़ी

क्या खाद्य उत्पादों के दाम में बढ़ोतरी का फायदा किसानों को मिलता है?

अमित सिंह
बीते कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों यानी खाने-पीने से जुड़ी चीजों के दाम बढ़े हैं, खास तौर पर पश्चिम और दक्षिण भारत में जहां व्यापक रूप से सूखे की मार पड़ी है।
राष्ट्रवाद, रफ़ाल और सर्जिकल स्ट्राइक के

गांधी क्या बला है!

चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह

बटलर ने अन्य विषयों के अलावा भारतीय राजनीति पर छाई गांधी नामक परिघटना को भी अपने इस किसान-मित्र के माध्यम से जानना चाहा। जवाब में चौधरी छोटू राम ने गांधी के राजनैतिक कद को इन

कृषि संकट को समझने के लिए – दो जरूरी किताबें

प्रवीन कुमार

भारत के किसान लम्बे समय से एक भयावह और जानलेवा कृषि संकट की गिरफ्त में है। बड़े फार्मर और धनी किसान भले ही इस संकट से ज्यादा प्रभावित न हुए हों, लेकिन देश के कुल किसानों का 90

कुलदीप सिंह ढींढसा – खेती को लाभकारी पेशा नहीं बना पाए

1966 में हमारे सामने अनेक चुनौतियां थी। मुझे याद है उस समय पंजाब  के एक नेता ने कहा था कि इनके पास खाने को तो अन्न है नहीं, ये हरियाणा बनाकर क्या करेंगे। हमारे कृषि वैज्ञानिकों और किसानों ने मिलकर