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Category: भाषा/संस्कृति/सिनेमा

चुराही पहेलियां (फड़ौणी)

चुराही (चंबा जिले के चुराह तहसील की पहाड़ी बोली) में पहेलियों को फड़ौणी कहा जाता है। जब बर्फ गिर रही होती है तो घर के सारे सदस्य रसोई में जमा रहता हैं। रसोई में लोहे का बड़ा चुल्हा होता है

हरियाणा का आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पिछड़ापन

प्रोफेसर टी आर कुण्डू

एक नवम्बर 2015 को कुरुक्षेत्र में ‘देस हरियाणा’ पत्रिका की ओर से हरियाणाः साहित्य समाज और संस्कृति विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें अर्थशास्त्री प्रो. टी. आर. कुण्डू, लोक संस्कृतिविद् डा. सुधीर शर्मा, डा. महासिंह

विश्व की समस्त भाषाओं के बारे में सार्वभौमिक सत्य

प्रोफेसर सुभाष चंद्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

जब लोग इकट्ठे होते हैं तो बात ही करते हैं। जब वे खेलते हैं, प्यार करते हैं। हम भाषा की दुनिया में रहते हैं। हम अपने दोस्तों से, अपने सहयोगियों से, अपनी पत्नियों से,

डा. नवमीत नव – आबादी को उसकी भाषा से वंचित कर देना तो जुल्म है

मेरे कुछ साथी डॉक्टर रहे हैं जो रूस से पढ़कर आये हैं। वे बताते हैं कि वहां मेडिकल की पढ़ाई रूसी भाषा में होती है। और बहुत अच्छी होती है। या फिर चीन में, फ्रांस में या जर्मनी में। सब