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Category: अनुवाद

छाती, तू और मैं – निकिता आजाद

nikनिकिता आजाद (युनिवर्सिटी ऑफ आक्सफोर्ड) में पढ़ी हैं। उन्होंने  ‘हैपी टु ब्लीड’ लिखे सैनिटरी नैपकिन के साथ अपनी तसवीर पोस्ट करते हुए लोगों को पितृसत्तात्मक रवैए के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी और सोशल मीडिया पर #happytobleed

सोनकेसी – पहाड़ी लोक-कथा

एक बार एक साहुकार था। उसके चार पुत्र थे ।चार में से बड़े तीन पुश्तैनी धन्धे के साथ अपना-अपना काम धन्धा  भी करते थे पर सबसे छोटा बेटा कोई काम-धाम नहीं करता था । उसकी इस आदत की वजह से

पूंजीवाद को संभावित विद्रोहों से है गंभीर खतरा – पूर्व गवर्नर रघुराम राजन

  • रघुराम राजन ने कहा कि समाज में संभावित विद्रोहकी स्थिति
  • लोगों को अवसर नहीं मिल पाने के कारण पूंजीवाद खतरे में
  • अवसर नहीं मिल पाने से पूंजीवाद के खिलाफ होता है विद्रोह
  • 2008 के आर्थिक संकट से

राजगुरू, सुखदेव व भगत सिंह की शहादत पर – बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर संपादकीय लेख

समसामयिक विचार

(जनता, 13 अप्रैल 1931)
भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने सान्डर्स नामक अंग्रेजी अफसर और चमनसिंह नामक सिख पुलिस अधिकारी की लाहौर