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Category: हरियाणवी कहानी

माई दे मालोटा – कमलेश चौधरी

हरियाणवी कहानी

हरियाणा के जिस स्थान पर मैं रहती हूं, वह कुछ सालों पहले तक ठेठ गांव  था। धीरे-धीरे वह विकसित होकर कस्बे का रूप धारण कर गया। अब वह कस्बाई सीमाओं मं कसमसाता हुआ शहर बन जाने को बैचेन

मोलकी – टेकचन्द

कहानी

कहने को दिल्ली, पर दिल्ली-हरियाणा बार्डर से सटा गांव। बोली, बाना, रिवाज और लोग सब हरियाणवी। हल्की गर्मियों की सांझ चार बजे का समय है।
मोहल्ले में सब अपने रोजमर्रा के काम निपटा रहे हैं। औरतें भैसों को नहलाकर

कसूरवार – अंतोन चेखव – अनु. राजेन्द्र सिंह

कहानी


 अंतोन चेखव का जन्म 19 वीं शताब्दी के रूढि़वादी रूस में हुआ था। इनकी मां के पास कहानियों का भण्डार था जिनको वो नियमित तौर पर बड़े रोचकपूर्ण तरीके से अपने बच्चों को सुनाती थी। मां द्वारा सुनाई गयी

किरेळिया

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लेखकः अंटोन चेखव,    अनुवाद: राजेंद्र सिंह

विश्व प्रसिद्ध रुसी कहानीकार अंटोन चेखव ने अपनी प्रसिद्ध कहानी गिरगिट में शासन-प्रशासन  में फैला भ्रष्टाचार, जनता के प्रति बेरुखी और अफसरशाही की चापलूसी को उकेरा है। भारतीय संदर्भों में भी प्रासंगिक है।