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एकलव्य का लेख

सरबजीत सोही

गुस्ताखी माफ करना गुरु जी!
मैं कहना तो नहीं चाहता,
पर हर जन्म में आपने छला है,
मेरी प्रतिभा को,
कभी शुद्र का सूत कह कर
तो कभी गुरु दक्षिणा के नाम पर
मेरे हाथ के अंगूठे की

दलित जब लिखता है

दलित जब लिखता है

हरियाणा सृजन उत्सव में  24 फरवरी 2018 को ‘दलित जब लिखता है विषय पर परिचर्चा हुई जिसमें प्रख्यात दलित कवि मलखान सिंह तथा कहानीकार रत्न कुमार सांभरिया ने परिचर्चा में शिरकत की। अपने अनुभवों के