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उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा ह

विकास साल्याण

IMG_0538.jpgसत्यशोधक फाऊंडेशन और डा.ओमप्रकाश ग्रेवाल अध्ययन संस्थान, कुरुक्षेत्र की ओर से डा. भीम राव अंबेडकर और जोतिबाफुले के जयंती के उपलक्ष में एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय

हरियाणा का इतिहास-कुरुक्षेत्र तथा कम्बोड

बुद्ध प्रकाश

               प्रगति तथा समृद्धि के इस काल में हरियाणा के लोग विदेशों में जाकर बस गए और वहां बस्तियां बना लीं। सौभाग्यवश कम्बोडिया के एक उपनिवेश के संबंध में कुछ रोचक सूचना उपलब्ध है। वतफू के एक शिलालेख से

हरियाणा का इतिहास-अफगानों तथा मराठों का

बुद्ध प्रकाश

नादिरशाह ने दिल्ली में निष्क्रय तथा लूट-खसोट का वातावरण बना दिया था। 1739 से 1761 तक पांच बार अहमदशाह दुर्रानी द्वारा, एक बार सूरजमल जाट द्वारा, एक बार जीत सिंह गूजर द्वारा, एक बार रोहतक जिले के बलोचियों

दास्तान एक शहर की

ओमसिंह अशफाक 
दास्तान- ए -शहर कैसे बयां करूं
जीऊँ तो कैसे जीऊँ, मरूँ तो कैसे मरूँ

मैं सन् 1984 में इस शहर में आया तो इसे आदतन शहर कहकर अपने कहे पर पुनर्विचार करना पड़ता था। बेशक जिला मुख्यालय तो