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उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा ह

विकास साल्याण

IMG_0538.jpgसत्यशोधक फाऊंडेशन और डा.ओमप्रकाश ग्रेवाल अध्ययन संस्थान, कुरुक्षेत्र की ओर से डा. भीम राव अंबेडकर और जोतिबाफुले के जयंती के उपलक्ष में एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय

11 अप्रैल जोतिबा फुले 14 अप्रैल बाबा साह

सत्यशोधक फाऊंडेशन के सहयोग से देस हरियाणा पत्रिका बाबा साहेब व जोतिबा फुले जी की जयंति पर अपने पाठकों को समर्पित करती है

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बाम्हनों के स्वार्थी ग्रंथों की चतुराई क

जोतिबा फुले

यह          लेप की गरमी में अंगडाई ले सोवे।
नींद कहां से आवे। आलसी को।।

वह          ओस से भीगी खेत की मेंड पर।
बैलों को चराता वह। शुक्रोदय में।।

यह          गर्म पानी से स्नान करके मुटका तन पर लपेटता।