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Tag: देसहरियाणा

17वीं लोक सभा के चुनावों की सरगर्मियाँ

सुरेंद्र पाल सिंह

ऐसे में क्या शुरू के चार सालों में नौकरियों के मामले में गोलमाल, कोर्ट केस, रिक्त स्थान, पैसा- सिफ़ारिश, मंत्रियों के भ्रष्टाचार, रोडवेज कर्मचारियों का दमन, पंचो सरपंचों का अपमान, गिनाने योग्य विकास का कोई बड़ा काम

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ तेज हो रहा है आदिवासियों का आंदोलन

आदिवासियों की हुंकार

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को वाईल्ड लाई फ्रस्ट और वन विभाग के कुछ आला रिटायर अधिकारियों की याचिका पर सुनाई करते हुए देश के 20 लाख से अधिक आदिवासियों को उनकी जमीनों से

राजे ने अपनी रखवाली की

– सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

प्रेमचंद की प्रासंगिकता

 

आज के समय में प्रेमचंद के साथ हमारा क्या रिश्ता बनता है। प्रेमचंद और हमारे साहित्यकार किस तरह से आने वाली पीढिय़ों को रस्ता दिखाते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। प्रेमचंद 1936 में इस दुनिया में नहीं रहे,