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Tag: देस हरियाणा

मां

 कामरेड पृथ्वी सिंह गोरखपुरिया

पृथ्वीसिंह गोरखपुरिया  सच्चे किसान-मजदूर हितैषी । 1944 में फतेहाबाद जिले में जन्मे। नहला गांव से दसवीं पास करके डी एन कालेज हिसार से स्नातक पास की। हरियाणा छात्र संघ का गठन किया। 1968 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय

पीछा करो उनका

ब्रजेश कृष्ण

 

बड़े चतुर हैं वे

गजब के वाचाल और जादूगर

रूमाल झटकते हैं

तो उड़ने लगती हैं रंग-बिरंगी तितलियां

खाली डिब्बों पर घुमाते हैं अपना हाथ

और आसमान भर जाता है पतंगों से

हमें दिखाई नहीं देती उनकी अदृश्य

बहुत उत्साहित हैं वे

ब्रजेश कृष्ण 

बहुत उत्साहित हैं वे इन दिनों

वे नए और अच्छे और कलफ़दार कड़क कपड़े पहनकर आते हैं हमारे बीच

पहले तो मैं जानता था

उन सभी को अलग अलग

उनके नाम के हिज्जों के साथ

 

पहचान लेता

सिख गुरूओं का विश्वसपात्र था मेव समुदाय – सिद्दीक अहमद ‘मेव’

  पँजाब में मेवों (मद्रों) की उपस्थिति क प्रमाण तो महाभारत काल से ही मिलते है , मगर सिंकदर के आक्रमण (326 ई.पू.) के समय से प्रमाण स्पष्ट रूप से सामने आ जाते हैं। सिकंदर का इतिहासकार हेरोडॉटस उन्हें मेर (MOER)