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Tag: नागार्जुन

सामंती व्यवस्था से टकराता साहित्यकार

  बी. मदन मोहन,    प्रस्तुति—विकास साल्याण

तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव के दौरान 9 फरवरी 2019 को ‘लेखक से संवाद’ सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल के प्रख्यात साहित्यकार एस.आर. हरनोट के साथ श्रोताओं ने संवाद करना था, लेकिन स्वास्थ्य के

डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल – जनवादी कविता की विरासत

आलेख


हिन्दी में आठवें दशक के दौरान जनवादी कविता का स्वर ही प्रमुख रहा है, कई नए हस्ताक्षर इधर जनवादी कविता के क्षेत्र में उभर कर आए हैं, किंतु प्रगतिशील साहित्यधारा से जुड़े हुए बहुत सारे प्रतिष्ठित कवियों ने भी