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Tag: ब्रजेश कृष्ण

पीछा करो उनका

ब्रजेश कृष्ण

 

बड़े चतुर हैं वे

गजब के वाचाल और जादूगर

रूमाल झटकते हैं

तो उड़ने लगती हैं रंग-बिरंगी तितलियां

खाली डिब्बों पर घुमाते हैं अपना हाथ

और आसमान भर जाता है पतंगों से

हमें दिखाई नहीं देती उनकी अदृश्य

बहुत उत्साहित हैं वे

ब्रजेश कृष्ण 

बहुत उत्साहित हैं वे इन दिनों

वे नए और अच्छे और कलफ़दार कड़क कपड़े पहनकर आते हैं हमारे बीच

पहले तो मैं जानता था

उन सभी को अलग अलग

उनके नाम के हिज्जों के साथ

 

पहचान लेता

ब्रजेश कृष्ण की कविता-हरियाणा सृजन उत्सव 2019