Advertisements

Tag: भाषा

राष्ट्रीय एकता और भाषा की समस्याः भीष्म साहनी

साहनी

मैं भाषा वेज्ञानिक नहीं हूं, भाषाएं कैसे बनती और विकास पाती हैं, कैसे बदलती हैं, इस बारे में बहुत कम जानता हूं, इसलिए किसी अधिकार के साथ भाषा के सवाल पर नहीं बोल सकता । मेरी अपनी स्थिति भी अनूठी

सुरेश बरनवाल – मजदूर बनाम राष्ट्र

कविता


यह भी तो एक युद्ध है
कि एक मजदूर
दिन भर की दिहाड़ी के बाद
आधा राशन लिए घर लौटता है।
उसके बच्चे
हर रोज युद्धभूमि में उतरते हैं
हसरतों को मारते हैं।
यह ऐसा युद्ध है
जिसमें
दो

सदानंद साही मातृभाषाओं को बचाने की जरूरत

आलेख


सदानंद साही

समय आ गया है कि हम भाषा के सवाल को गंभीरता से लें। भाषा मनुष्य होने की शर्त है। इसे सिर्फ अभिव्यक्ति, संपन्न और दरिद्र जैसे पैमाने लागू करना भी ठीक नहीं है। इन्हीं मान्यताओं के चलते

भाषा हमारे अस्तित्व का मूल – नोम चोम्स्की

संवाद

विश्वविख्यात भाषा वैज्ञानिक, दार्शनिक, वामपंथी लेखक नोम चोम्स्की ने भाषाविज्ञान संबंधी कई क्रांतिकारी सिद्धांतों का सूत्रपात किया। भाषा और भाषा के विकास को लेकर उनका यह साक्षात्कार विज्ञान पत्रिका ‘डिस्कवर’ में 29 नवम्बर 2011 को प्रकाशित हुआ था। उनसे