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एकलव्य का लेख

सरबजीत सोही

गुस्ताखी माफ करना गुरु जी!
मैं कहना तो नहीं चाहता,
पर हर जन्म में आपने छला है,
मेरी प्रतिभा को,
कभी शुद्र का सूत कह कर
तो कभी गुरु दक्षिणा के नाम पर
मेरे हाथ के अंगूठे की

हरियाणा का इतिहास-कुरु कीर्ति का चरमोत्क

बुद्ध प्रकाश

कालांतर में कुरु साम्राज्य राजनीतिक गौरव तथा आर्थिक उत्थान का केंद्र बन गया। महाभारत से यह पता चलता है कि उस समय कुरुवंश का गौरव तथा समृद्धि पराकाष्ठा पर थी। किंतु इससे पड़ोसी, विशेषतया पूर्व में पांचाल, विरोधी