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‘हम नहीं रोनी सूरत वाले’ : सावित्रीबाई फ

बजरंग बिहारी तिवारी

जीवन की गहरी समझ के साथ काव्य-रचना में प्रवृत्त होने वाली सावित्रीबाई फुले (1831-1897) अपने दो काव्य-संग्रहों के बल पर सृजन के इतिहास में अमर हैं. उनका पहला संग्रह ‘काव्यफुले’ 1854 में तथा दूसरा ‘बावन्नकशी सुबोधरत्नाकर’

11 अप्रैल जोतिबा फुले 14 अप्रैल बाबा साह

सत्यशोधक फाऊंडेशन के सहयोग से देस हरियाणा पत्रिका बाबा साहेब व जोतिबा फुले जी की जयंति पर अपने पाठकों को समर्पित करती है

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सावित्रीबाई फुले : जीवन जिस पर अमल किया

7 जनवरी को दलित शोषण मुक्ति मंच (DSMM), दिल्ली ने भारत की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले की 187वें जन्मदिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया

7 जनवरी को दलित शोषण मुक्ति मंच (DSMM), दिल्ली