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मैं क्यों लिखता हूं?

  डॉ. दिनेश दधीचि

(दिनेश दधीचि स्वयं उच्च कोटि के कवि व ग़ज़लकार हैं। और विश्व की चर्चित कविताओं के हिंदी में अनुवाद किए हैं, जिंन्हें इन पन्नों पर आप निरंतर पढ़ते रहेंगे।  रचनाकार के लेखकीय सरोकार, लेखन से उसकी अपेक्षाएं

चेतना का रचनाकार तारा पांचाल

रविंन्द्र गासो

               हरियाणा में लिखे जाने वाला साहित्य राष्ट्रीय विमर्शों में कम ही शामिल रहा। इसके कारण, कमियां या उपेक्षा अलग चर्चा का विषय है। इस सब में हरियाणा की रचनाधर्मिता का माकूल जवाब देने में तारा पांचाल का अकेला

सरबजीत, तारा पांचाल और पिलखन का पेड़

ओमसिंह अशफाक

सरबजीत
(30-12-1961—13-12-1998)

दोस्तों का बिछडऩा बड़ा कष्टदायक होता है। ज्यों-ज्यों हमारी उम्र बढ़ती जाती है पीड़ा सहने की शक्ति भी क्षीण होती रहती है। जवानी का जोश तो बड़े-बड़े सदमें झेल जाता है, परन्तु उम्र के साथ ज्यों-ज्यों

दास्तान एक शहर की

ओमसिंह अशफाक 
दास्तान- ए -शहर कैसे बयां करूं
जीऊँ तो कैसे जीऊँ, मरूँ तो कैसे मरूँ

मैं सन् 1984 में इस शहर में आया तो इसे आदतन शहर कहकर अपने कहे पर पुनर्विचार करना पड़ता था। बेशक जिला मुख्यालय तो