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सांप्रदायिक समस्या का हल – महात्मा गांधी

महात्मा गांधी

हिंदू इतिहासकारों ने और मुसलमान इतिहासकारों ने पक्के-से-पक्के प्रमाण देकर हमें बताया है कि तब भी हम आज के मुकाबले ज्यादा मेल-मुहब्बत के साथ रह रहे थे और गांवों में तो आज भी हिंदू और मुसलमान आपस में

स्वराज की परिभाषाएं-गांधी का भारत

मेरे दिमाग में स्वराज की जो कई परिभाषाएं चक्कर काटती रही हैं, उन्हें मैं पाठकों के सामने रखने की इजाज़त चाहता हूं।

(1) स्वराज का मतलब है-अपने ऊपर राज। जो यह कर ले सका है उसने अपनी व्यक्तिगत प्रतिज्ञा पूरी

कुछ स्मरणीय सूक्तियां-गांधी का भारत

गांधी जी की कुछ स्मरणीय सूक्तियां-

  • हमें ये सारी बातें भुला देनी हैं कि ‘मैं हिंदू हूं, तुम मुसलमान हो’, या ‘मैं गुजराती हूं, तुम मद्रासी हो।’ ‘मैं’ और ‘मेरा’ को हमें भारतीय राष्ट्रीयता की भावना के अंदर डुबो देना