बुद्ध प्रकाश

यौधेयों ने, जिनके विषय में पहले उल्लेख किया जा चुका है, ई, पू.  की प्रथम तथा द्वितीय शताब्दी के उत्तरार्ध में अपनी मुद्रा चला कर भारतीय इतिहास में ख्याति प्राप्त की। उन सिक्कों को उनके रूपांकनों के आधार