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छाती, तू और मैं – निकिता आजाद

nikनिकिता आजाद (युनिवर्सिटी ऑफ आक्सफोर्ड) में पढ़ी हैं। उन्होंने  ‘हैपी टु ब्लीड’ लिखे सैनिटरी नैपकिन के साथ अपनी तसवीर पोस्ट करते हुए लोगों को पितृसत्तात्मक रवैए के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी और सोशल मीडिया पर #happytobleed

रमणीक मोहन की कविताएं

रमणीक मोहन की कविताएं

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की एक किताब है ‘ग़ुबार-ए-ख़ातिर’ यानी दिल के ग़ुबार। यह किताब उन ख़तों का मज्मूआ है जो उन्होंने 1942 में अपनी गिरफ़्तारी के बाद अहमदनगर कि़ले में नजऱबन्दी के दौरान अपने एक दोस्त को लिखे थे।