Advertisements

Tag: social media

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ तेज हो रहा है आदिवासियों का आंदोलन

आदिवासियों की हुंकार

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को वाईल्ड लाई फ्रस्ट और वन विभाग के कुछ आला रिटायर अधिकारियों की याचिका पर सुनाई करते हुए देश के 20 लाख से अधिक आदिवासियों को उनकी जमीनों से

किशु गुप्ता – विचारशीलता ही विकासशीलता

आजकल युवाओं की किताबों व साहित्य में रूचि कम है, अधिकतर युवाओं का ध्यान सोशल नेटवर्किंग साईटस-फेसबुक, व्हाट्सअप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम की तरफ अधिक है। एक सर्वे के दौरान पाया गया है कि अधिकतर युवा अपनी दैनिक दिनचर्या में से लगभग

कबीर – क्यों भूलीगी थारो देस क्यों भूलीगी थारो देस

साखी -ऐसी मति संसार की, ज्यों गाडर1 का ठाठ2।
एक पड़ा जेहि गाड़3 में, सबै जाहि तेहि बाट।।टेक

-क्यों भूलीगी थारो देस दीवानी क्यों भूलीगी थारो देस
हो-चरण -भूली मालन4 पाती रे तोड़े, पाती पाती में जीव हे रहे।
पाती

न्यू मीडिया से बदलती समाचारी दुनिया – अनिल कुमार पांडे

आलेख


अनिल कुमार पाण्डेय

देश में आयी उदारीकरण की बयार ने बहुत कुछ बदला है जिससे मीडिया भी अछूता नहीं रहा। टेलीविजन चैनलों की संख्या तकरीबन एक हजार की संख्या पार कर चुकी है। वहीं पत्र-पत्रिकाओं की संख्या लाखों में